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भागलपुर से ब्यूरो प्रमुख कुंदन राज की रिपोर्ट।तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में संचालित योग चेतना शिविर में विश्वविद्यालय योग प्रशिक्षक डॉ. देशराज वर्मा ने योग साधना कराते हुए कहा- दीर्घायु के लिए सांसों का लंबा और गहरा होना आवश्यक है। उन्होंने प्राणायाम के अंतर्गत गहरे लंबे श्वाशों का अभ्यास भी कराया। गहरे लंबे सांसों के अभ्यास से हमारा रक्त पैर के नाखून से लेकर सिर की चोटी तक पहुंचता है। संपूर्ण शरीर में रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है । हमारा शरीर ऊर्जावान बनता है। त्रिबंध लगाने की क्षमता बढ़ती है। तनाव, चिंता, भय, क्रोध, अनिद्रा आदि रोगों में आराम मिलता है। श्वशन, पाचन और निष्कासन तंत्र सही ढंग से कार्य करने लगते हैं। हृदय, शुगर, बीपी, थायराइड आदि रोग नियंत्रित होने लगते हैं।
योग साधना सुबह 6:30 बजे प्रारंभ हुई। योग साधना चार चरणों में पूर्ण हुई। साधना के प्रथम चरण में सूक्ष्म व्यायाम के अंतर्गत हाथ, पैर, घुटना, गर्दन, कमर, कंधा, और नेत्र सुरक्षा क्रियाएं कराई गई। योग साधना के द्वितीय चरण में सूर्य नमस्कार के 12 आसनों का अभ्यास, शवासन, जानूशिरासन, मंडूकासन, भुजंगासन, शलभासन, पवनमुक्तासन, सिंह गर्जना और हंसी की महान क्रिया का अभ्यास कराया गया। साधना के तृतीय चरण में प्राणायाम के अंतर्गत गहरी लंबी सांसों का अभ्यास, अनुलोम- विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। साधना के अंतिम चरण में ध्यान और प्रार्थना कराई गई। ध्यान के अंतर्गत ओम का मानसिक जाप, सहज ध्यान और योग निद्रा का अभ्यास कराया गया। साधना के अंत में वैदिक प्रार्थना, महामृत्युंजय मंत्र और शांति पाठ किया गया।
इस योग साधना में प्रोफेसर शिवकुमार यादव (पूर्व प्राचार्य), प्रोफेसर प्रतिभा राजहंस, उर्मिला देवी, डॉ. गौतम कुमार यादव, रचना कुमारी, डॉ. रूचि श्री, गणेश चटर्जी, पूनम चटर्जी, मणिकांत, दिनेश कुमार आदि शामिल हुए।